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शिवाजीनगर में खाद की कालाबाजारी पर एक्शन मोड में प्रशासन: प्रखंड प्रमुख और बीएओ की दो टूक- ‘ज्यादा दाम वसूला तो खैर नहीं’

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शिवाजीनगर (समस्तीपुर): रबी सीजन के दौरान किसानों को खाद की किल्लत और ऊंचे दामों की मार से बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित मनरेगा भवन के सभागार में उर्वरक की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री रोकने को लेकर एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई।

प्रखंड प्रमुख डॉ. गोविंद कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में खाद विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिकायतों के बाद प्रशासन सख्त

हाल के दिनों में किसानों द्वारा खाद की अधिक कीमत वसूलने और स्टॉक छिपाने जैसी शिकायतें प्रशासन तक पहुँच रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए बीएओ (प्रखंड कृषि पदाधिकारी) सतीश कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा:

“उर्वरक की हर बोरी सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही बिकनी चाहिए। सभी विक्रेताओं को अपना स्टॉक रजिस्टर और बिक्री से संबंधित दस्तावेज (अभिलेख) अद्यतन (Update) रखने होंगे। यदि निरीक्षण के दौरान कोई विसंगति पाई गई, तो लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।”

अधिकारियों को ‘फील्ड’ पर उतरने का आदेश

शिवाजीनगर में खाद की कालाबाजारी पर एक्शन मोड में प्रशासन: प्रखंड प्रमुख और बीएओ की दो टूक- ‘ज्यादा दाम वसूला तो खैर नहीं’

बैठक में केवल विक्रेताओं को ही नहीं, बल्कि विभागीय कर्मचारियों को भी जवाबदेह बनाया गया। बीएओ ने कृषि समन्वयकों और कृषि सलाहकारों को निर्देश दिया कि वे:

  • नियमित रूप से अपने क्षेत्रों में खाद दुकानों का निरीक्षण करें।
  • सीधे किसानों से बात कर फीडबैक लें कि उन्हें खाद किस रेट पर मिल रही है।
  • किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दें।

बैठक में मौजूद रहे प्रमुख चेहरे

किसानों के हित में बुलाई गई इस बैठक में अंचल अधिकारी (CO) वीणा भारती और बीस सूत्री अध्यक्ष संतोष कुमार बबली भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने यह साफ कर दिया कि प्रशासन इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है।

इसके अतिरिक्त, कृषि समन्वयक मणिकांत चौधरी, पुरुषोत्तम कुमार, राकेश कुमार, मुरारी कुमार और कृषि सलाहकार संजय कुमार, रमाकांत रमन, विशंभर नाथ प्रसाद सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति जताई।

किसानों के लिए राहत की उम्मीद

इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि क्षेत्र में खाद की कृत्रिम किल्लत खत्म होगी और किसानों को सही दाम पर यूरिया व डीएपी उपलब्ध हो सकेगा। प्रशासन की इस सक्रियता से कालाबाजारी करने वाले बिचौलियों में हड़कंप है।

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