उदयनाचार्य डीह का विकास शुरू होने की उम्मीद, बीडीओ ने किया स्थल का निरीक्षण
करियन (शिवाजीनगर), 05 जुलाई 2025: शिवाजीनगर प्रखंड के करियन गांव स्थित महान दार्शनिक उदयनाचार्य के ऐतिहासिक डीह को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में पहला कदम उठाया गया है। रोसड़ा एसडीओ के निर्देश पर शिवाजीनगर के बीडीओ आलोक कुमार सिंह ने शुक्रवार को इस स्थल का निरीक्षण किया और विकास योजना पर चर्चा की।
क्या है उदयनाचार्य डीह का महत्व?
- यह स्थल प्राचीन भारतीय दर्शनशास्त्र और न्याय शास्त्र के महान विद्वान उदयनाचार्य से जुड़ा हुआ है।
- वर्षों से उपेक्षित रहे इस ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग स्थानीय लोग करते आए हैं।
- इसके विकास से न सिर्फ उदयनाचार्य की विरासत को संरक्षित किया जा सकेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
बीडीओ ने क्या कहा?

निरीक्षण के दौरान बीडीओ आलोक कुमार सिंह ने कहा कि:
- इस स्थल को पर्यटन हब बनाने की पूरी संभावना है।
- सड़क, शौचालय, पेयजल, बाउंड्री वॉल, लाइटिंग और उद्यान जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- निरीक्षण रिपोर्ट जल्द ही उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके।
उन्होंने उदयनाचार्य के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि भी अर्पित की और कहा कि “ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
- करियन पंचायत के मुखिया संजीव पासवान और ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया।
- ग्रामीणों ने कहा कि “उदयनाचार्य का योगदान भारतीय दर्शन के लिए अतुलनीय है। इस स्थल का विकास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक होगा।”
आगे की योजना
यदि सरकार से स्वीकृति मिलती है, तो जल्द ही डीह के विकास कार्यों को शुरू किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन और शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभर सके।