Bhagwat Katha Shivajinagar: शिवाजीनगर प्रखंड के दहियार रन्ना पंचायत स्थित शहरू गांव में चल रहे सार्वजनिक बम पूजा के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथावाचक जयशंकर जी ने भगवान श्री कृष्ण की गोवर्धन लीला, मथुरा गमन और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया।
गोवर्धन पूजा: गरीबों और गायों की सेवा ही सच्ची भक्ति
Bhagwat Katha Shivajinagar: कथा के दौरान इंद्र के मान-मर्दन और गोवर्धन पूजा के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए जयशंकर जी ने कहा कि श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रकृति और गौ-वंश की सेवा का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि हमारे रक्षक गोवर्धन नाथ तभी प्रसन्न होते हैं जब हम गरीबों की सेवा और अन्न-वस्त्र का दान करते हैं। समाज सुधार की दिशा में यह पहला बड़ा कदम था।
मथुरा लीला और कुब्जा उद्धार

कथा में आगे भगवान के मथुरा प्रवेश का वर्णन किया गया। व्यास पीठ से बताया गया कि कैसे प्रभु ने:
- कंस के धोबी का उद्धार किया।
- अत्यंत दीन सुदामा माली के घर स्वयं जाकर उनकी पुकार सुनी।
- दासी कुब्जा को सर्वांगसुंदरी बनाकर उसे समाज में सम्मान दिलाया।
- अंततः अत्याचारी कंस का वध कर प्रजा को भयमुक्त किया।
समाज सुधार का क्रांतिकारी कदम: 16100 राजकुमारियों का सम्मान
कथावाचक ने श्री कृष्ण के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू पर चर्चा करते हुए कहा कि भौमासुर की कैद से छुड़ाई गई 16,100 राजकुमारियों को जब समाज ने अपनाने से मना कर दिया, तब भगवान ने उनसे विवाह कर उन्हें ‘पटरानी’ का दर्जा दिया। यह समाज सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था, जिसने स्त्री सम्मान की नई परिभाषा लिखी।
रुक्मिणी मंगल और भव्य आयोजन
छठे दिन की कथा का समापन रुक्मिणी विवाह के प्रसंग से हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने मंगल गीत गाए। इस अवसर पर:
- अतिथि सत्कार: डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. संतोष कुमार पासवान और डॉ. ललन झा को अंगवस्त्र, पाग और माला देकर सम्मानित किया गया।
- प्रशासनिक उपस्थिति: प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आलोक कुमार सिंह ने पूजा स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने भंडारा स्थल और पंडाल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कथावाचक से आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजक समिति: इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष मदन प्रसाद सिंह, सचिव पलटू सिंह, संजय कुमार सिंह, रामगुलाम सिंह, ललित मंडल सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।