शिवाजीनगर के 20 विद्यालयों में बाल मेला का आयोजन, शत-प्रतिशत नामांकन पर जोर
शिवाजीनगर (समस्तीपुर)। प्रखंड अंतर्गत शिक्षा विभाग के निर्देश पर सोमवार को चिन्हित 20 विद्यालयों में बाल मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूर्व प्राथमिक कक्षा के बच्चों को विद्यालयी वातावरण के अनुकूल बनाना तथा वर्ग प्रथम में उनका शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना था।
बाल मेला के उद्घाटन अवसर पर पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए प्रेरणादायक संदेश दिया।
“बड़े सपने देखें और ईमानदारी से प्रयास करें”
पूर्व बीआरपी बालमुकुंद सिंह ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए बड़े सपने देखना आवश्यक है। उन सपनों को साकार करने के लिए ईमानदारी, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अभाव कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनता। श्रद्धा, लगन और सतत परिश्रम से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने से ही सपने हकीकत में बदलते हैं।

अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वह केवल मेहनत और लगन का परिणाम है। विद्यालय को राष्ट्र निर्माण का मंदिर बताते हुए उन्होंने बच्चों को संकल्प और साधना के साथ शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा दी।
शत-प्रतिशत नामांकन को लेकर बनी रणनीति
बाल मेला के दौरान अभिभावकों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का कक्षा प्रथम में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा से जोड़ने और विद्यालय के प्रति आकर्षण बढ़ाने का प्रयास किया गया।
इन विद्यालयों में हुआ आयोजन
प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बल्लीपुर बालिका, प्राथमिक विद्यालय धर्म गाछी गीदरगंज, देवनपुर, धर्मपुर, छावनी, डुमरा मोहन, बनडीहा, नंदेनगर, गंगराही, जोगिया, मेघौलिया, परसा उत्तर टोल, महादेवा, सीमा पार बंधार सहित कुल 20 विद्यालयों में बाल मेला आयोजित हुआ।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार, सतनारायण आर्य, राजकुमार राय, रामबाबू सिंह, भोला प्रसाद, सुनील कुमार, शारदा आनंद सिंह, राममिलन साहनी, कमल देव पासवान, रेखा कुमारी, अमेरिका कुमारी, रूबी कुमारी सहित कई शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
शिक्षा से जुड़े अभियान को मिली नई ऊर्जा
बाल मेला के सफल आयोजन से शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अभिभावकों ने भी बच्चों के नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
शिक्षा विभाग की यह पहल न केवल नामांकन दर बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि बच्चों को विद्यालयी वातावरण से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत करेगी।
