शिवाजीनगर (समस्तीपुर)। मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के तहत शिवाजी नगर प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय शंकरपुर के छात्र-छात्राओं को राजधानी पटना का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहरों से परिचित कराना था, ताकि वे व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित कर सकें।
विद्यालय परिवार की देखरेख और शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने पटना के प्रमुख स्थलों का अवलोकन किया। बच्चों में इस शैक्षणिक यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
संजय गांधी जैविक उद्यान में वन्यजीवों का अवलोकन
सबसे पहले छात्र-छात्राओं को संजय गांधी जैविक उद्यान ले जाया गया। यहां बच्चों ने विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों, पक्षियों और दुर्लभ प्रजातियों को करीब से देखा। शेर, बाघ, हाथी, हिरण और रंग-बिरंगे पक्षियों को देखकर बच्चे काफी उत्साहित और प्रफुल्लित नजर आए।
शिक्षकों ने बच्चों को वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे विद्यार्थियों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी।
पटना संग्रहालय में इतिहास से साक्षात्कार
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इसके पश्चात छात्र-छात्राओं को पटना संग्रहालय का भ्रमण कराया गया। संग्रहालय में बिहार की ऐतिहासिक धरोहर, प्राचीन पांडुलिपियां, दुर्लभ मूर्तियां और पुरातात्विक अवशेषों को देखकर बच्चे आश्चर्यचकित रह गए।
यहां प्रदर्शित प्राचीन मूर्तियां और ऐतिहासिक सामग्री ने बच्चों को बिहार के गौरवशाली अतीत से रूबरू कराया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को इन धरोहरों का महत्व समझाते हुए इतिहास के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया।
बिहार विधानसभा और पटना हाई कोर्ट का अवलोकन
भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को बिहार विधानसभा भवन एवं पटना उच्च न्यायालय भी दिखाया गया।
यहां बच्चों को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली, न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक संरचना के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बताया कि किस प्रकार विधानसभा में कानून बनाए जाते हैं और उच्च न्यायालय न्यायिक व्यवस्था का संचालन करता है।
बापू टावर में महात्मा गांधी से जुड़ी प्रेरणादायक जानकारी
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इसके बाद दल गर्दनीबाग स्थित बापू टावर पहुंचा। यहां डिप्टी डायरेक्टर ललित कुमार सिंह के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को महात्मा गांधी के जीवन, विचारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान से संबंधित मूर्तियों एवं चलचित्रों के माध्यम से जानकारी दी गई।
बच्चों ने गांधीजी के सत्य, अहिंसा और राष्ट्रप्रेम के सिद्धांतों को समझा और उनसे प्रेरणा ली। इस दौरान विद्यार्थियों ने कई सवाल भी पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर दिया गया।
शिक्षकों का मार्गदर्शन रहा महत्वपूर्ण
इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यालय के शिक्षक रामकुमार सिंह, राजन कुमार, विजय कुमार शर्मा, प्रवेश कुमार सिंह, सुधा सुंदरी, दिव्या रानी, प्रदीप कुमार, मयंक कुमार झा, पंकज कुमार, राम आश्रय मंडल, अमित कुमार, अनु मिश्रा, अंजली कुमारी, संदीप कुमार एवं बैधनाथ मांझी ने छात्रों का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन किया।

शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के तहत ऐसे भ्रमण से बच्चों का बौद्धिक एवं सामाजिक विकास होता है। इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक धरोहरों से परिचित कराना है। इस योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन का अनुभव प्राप्त होता है।
विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों में नई ऊर्जा और सीखने की ललक पैदा होती है।