शिवाजीनगर: शहरू गांव में भागवत कथा का भव्य समापन, कुलपति और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में भक्ति और अनुशासन का संगम
शिवाजीनगर (समस्तीपुर/दरभंगा)। प्रखंड की दहियार रन्ना पंचायत के शहरू गांव में आयोजित सार्वजनिक बम पूजा के अवसर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को गरिमामय समापन हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान में समस्तीपुर और दरभंगा क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कथा के अंतिम दिन भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी बही, जिसमें समाज के प्रबुद्ध जनों ने भी शिरकत की।
कथा का सार: शोक, मोह और भय से मुक्ति ही जीवन का लक्ष्य
प्रसिद्ध कथावाचक प्रो. जयशंकर झा ने कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं को जीवन दर्शन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा:
- शोक, मोह और भय: मनुष्य जीवन भर अतीत के शोक, वर्तमान के मोह और भविष्य के भय में फंसा रहता है। भागवत कथा का श्रवण इन तीनों बंधनों से मुक्ति दिलाता है।
- कृष्ण-सुदामा प्रसंग: झांकी के माध्यम से जीव और परमात्मा के मिलन को दर्शाया गया। वृंदावन से आए कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने पंडाल में मौजूद श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
- पौराणिक संदर्भ: उन्होंने द्वारकाधीश के जनकपुर आगमन मार्ग के पौराणिक स्थलों जैसे बहेड़ी मधुबन और त्रिमुहानी का विशेष उल्लेख किया।
कुलपति और गणमान्य अतिथियों का आगमन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय पहुंचे। उन्होंने आयोजन की अनुशासनबद्धता की सराहना की। वहीं, शास्त्रचूड़ामणि डॉ. मित्रनाथ झा ने भागवत कथा के सात दिवसीय रहस्य को उजागर किया। मौके पर बीडीओ, डीलर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनोदानंद झा और डॉ. संतोष कुमार पासवान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रशासनिक सख्ती: बिना अनुमति चल रहे झूला और टावर पर रोक

धार्मिक आयोजन के बीच सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मंगलवार शाम प्रशासनिक टीम पहुंची।
- निरीक्षण दल: प्रखंड विकास पदाधिकारी आलोक कुमार सिंह, अंचल अधिकारी वीणा भारती, थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार और प्रखंड प्रमुख डॉ. गोविंद कुमार ने संयुक्त रूप से पूजा स्थल का निरीक्षण किया।
- कड़ा निर्देश: निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मेले में लगे झूला और टावर के लिए विधिवत अनुमति (Permission) नहीं ली गई है। थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए झूला टावर को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुमति मिलने के बाद ही इन्हें संचालित किया जा सकेगा।
- सुरक्षा व्यवस्था: अधिकारियों ने कल आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पार्किंग और रूट चार्ट का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
समिति की सक्रिय भूमिका
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में बम पूजा समिति के अध्यक्ष मदन प्रसाद सिंह, सचिव पलटू सिंह, मुख्य कलसी विष्णु कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, मुखिया रिंकू देवी, समाज सेवी राजेश कुमार सिंह और समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।
