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चित्तौड़ा गांव में तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन, वैदिक मंत्रोच्चारण से बना आध्यात्मिक माहौल

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प्रखंड अंतर्गत चित्तौड़ा गांव स्थित महावीर स्थान परिसर में अखंड दीप प्रज्वलन की शताब्दी वर्ष एवं बंदनीय माता भगवती शरण आचार्य की जन्म शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर तीन दिवसीय एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा एवं आध्यात्मिकता का वातावरण व्याप्त रहा।

सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यज्ञ स्थल पर उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन की सुगंध से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। महायज्ञ का विधिवत संचालन कर्मकांडी विवेक कुमार एवं उषा कुमारी द्वारा वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया गया। यज्ञ के दौरान गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र एवं अन्य वैदिक मंत्रों की गूंज से श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित करते हुए विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव एवं मानव कल्याण की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्मकांडी विवेक कुमार ने कहा कि युग ऋषि श्रीराम शर्मा आचार्य के विचार आज समाज में साकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक चेतना का जागरण ही समाज और राष्ट्र के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करता है।

उन्होंने मानव में देवत्व के उदय की बात कहते हुए कहा कि जब व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाता है, तभी समाज में नैतिकता, संस्कार और सेवा भावना का विकास होता है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को सही दिशा और संस्कार मिलते हैं।

महायज्ञ में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा की, दीप प्रज्वलन किया तथा प्रवचन के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन में अनुशासन एवं पवित्रता का विशेष ध्यान रखा गया।

कार्यक्रम में आशा कुमारी, अभिलाषा कुमारी, जिज्ञासा कुमारी, अजय कुमार मंडल, पुजारी दानी मंडल, शिवनाथ मंडल, राम प्रगास मंडल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुद्धिजीवी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को क्षेत्र के लिए सौभाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठानों से सामाजिक एकता मजबूत होती है और समाज में आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है।

तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ का समापन पूर्णाहुति एवं विश्व कल्याण की कामना के साथ किया गया। आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों एवं महावीर स्थान समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

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