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शहरू गांव में 56 गांवों की ऐतिहासिक ‘सार्वजनिक बम पूजा’ संपन्न, अगले साल दुबौली में मचेगी धूम

शहरू गांव में 56 गांवों की ऐतिहासिक 'सार्वजनिक बम पूजा' संपन्न, अगले साल दुबौली में मचेगी धूम

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आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम दरभंगा जिले के बहेरी प्रखंड अंतर्गत शहरू गांव में देखने को मिला। यहाँ आयोजित 56 गांवों की ऐतिहासिक सार्वजनिक बम पूजा का भव्य समापन गुरुवार को हुआ। इस मौके पर धार्मिक उत्साह का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

दुबौली गांव पहुंचे ‘बाबा’, रथ पर सवार होकर भक्तों ने दी विदाई

आयोजन का मुख्य आकर्षण वह पल रहा जब दुबौली गांव के श्रद्धालु गाजे-बाजे और भव्य रथ के साथ बाबा को लेने शहरू गांव पहुंचे। शहरू ग्राम समिति ने नम आंखों और पूरे सम्मान के साथ बाबा को विदा किया। यह निर्णय लिया गया है कि आगामी वर्ष 56 गांवों की इस प्रतिष्ठित सार्वजनिक बम पूजा का आयोजन दुबौली गांव में किया जाएगा। हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे इस परंपरा को और भी भव्य रूप देंगे।

1600 कलशों की पूजा और भव्य भंडारा

शहरू गांव में 56 गांवों की ऐतिहासिक 'सार्वजनिक बम पूजा' संपन्न, अगले साल दुबौली में मचेगी धूम

पूजा मंडप परिसर में 1600 कलशों की विधि-विधान से स्थापना की गई थी। कलशवर्तियों ने पूरी निष्ठा के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। शहरू ग्राम समिति की ओर से 56 गांवों के प्रमुख श्रद्धालुओं के बीच लड्डू का प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही, दूर-दराज से आए साधु-संतों और आगंतुकों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था, जहाँ हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

कलश शोभायात्रा और विसर्जन आज

आयोजन के अंतिम चरण में शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे भव्य नगर भ्रमण के साथ कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु पूरे क्षेत्र की परिक्रमा करेंगे, जिसके पश्चात विधि-विधान के साथ कलश विसर्जन किया जाएगा।

मेले ने बढ़ाई रौनक: झूला और मीना बाजार का उठा लुत्फ

पूजा के अवसर पर गांव में एक भव्य मेले का भी आयोजन हुआ। यहाँ बच्चों और युवाओं के लिए नाव झूला, क्रेन झूला और विभिन्न प्रकार के मनोरंजन के साधन उपलब्ध थे। मीना बाजार और मिठाइयों की दुकानों पर भी भारी भीड़ उमड़ी। आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने मेले का भरपूर आनंद लिया।

आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका

इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में सार्वजनिक बम पूजा समिति के सदस्यों ने दिन-रात एक कर दिया। मुख्य रूप से:

सामाजिक समरसता का संदेश

वक्ताओं ने कहा कि यह पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि 56 गांवों की एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और धार्मिक जड़ें मजबूत होती हैं।

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