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शिवाजीनगर में हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ नाग पंचमी मेला, सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

शिवाजीनगर में हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ नाग पंचमी मेला, सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

शिवाजीनगर में हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ नाग पंचमी मेला, सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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शिवाजीनगर, समस्तीपुर। सावन माह की पहली सोमवारी और नाग पंचमी का शुभ संयोग सोमवार को शिवाजीनगर प्रखंड क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष आस्था और उल्लास का अवसर बन गया। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में नाग पंचमी का मेला श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उत्साह के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिरों और पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

सुबह तड़के महिला, पुरुष और बच्चों ने नदी एवं तालाबों में स्नान कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद श्रद्धालु अपने-अपने गांव के देवालयों में पहुंचकर ग्राम देवता की पूजा-अर्चना में शामिल हुए। परंपरा के अनुसार मिट्टी से बने नाग-नागिन की पूजा कर उन्हें दूध, लावा एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई।

मन्नत पूरी होने वाले श्रद्धालुओं ने मंदिरों में चनवा तथा मिट्टी के घोड़े चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों, शंख और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा। मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

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मेले में बच्चों के लिए झूले, खिलौनों की दुकानें, मिठाइयों एवं घरेलू सामानों की अस्थायी दुकानें लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। ग्रामीण परिवारों ने मेले का आनंद लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद

नाग पंचमी मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह दंडाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह एवं थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार के निर्देश पर प्रमुख मेला स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन लगातार पूरे मेले की निगरानी करता रहा, जिसके कारण आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

नाग पंचमी का धार्मिक महत्व

ग्रामीणों का मानना है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और सर्प भय से मुक्ति मिलती है। सावन माह की पहली सोमवारी के साथ नाग पंचमी का संयोग इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व लेकर आया, जिसके कारण मंदिरों और मेला स्थलों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखने को मिली।

प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय लोगों के सहयोग से शिवाजीनगर का नाग पंचमी मेला सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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