शिवाजीनगर, समस्तीपुर | संवाददाता
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर शुक्रवार को शिवाजीनगर प्रखंड के अंतर्गत सभी पंचायतों में ग्राम सभाओं का सफल आयोजन किया गया। पंचायत सरकार भवन एवं पंचायत भवनों में आयोजित इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और विकास को लेकर सुझाव दिए।
पंचायतों में उठे पेयजल, सड़क और स्वच्छता के मुद्दे
डुमरा मोहन एवं बंधार पंचायत में आयोजित ग्राम सभा की अध्यक्षता मुखिया सुनैना देवी, रिंकु देवी और चंदन कुमारी ने की। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से:
- पेयजल संकट
- सड़क मरम्मत
- स्वच्छता व्यवस्था
जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
मनरेगा और नई योजनाओं पर हुआ मंथन
रहटौली पंचायत में मुखिया प्रेम कुमार सहनी की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा में मनरेगा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही नई योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।
पारदर्शिता और जनभागीदारी पर जोर
मधुरापुर पंचायत में मुखिया भरत सिंह ने ग्राम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि:
“पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जनभागीदारी से ही वास्तविक विकास संभव है।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
आवास, शौचालय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा
भटौरा पंचायत एवं डुमरा मोहन पंचायत में आयोजित बैठकों में निम्न योजनाओं पर विशेष चर्चा हुई:
- प्रधानमंत्री आवास योजना
- शौचालय निर्माण
- सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
लाभार्थियों की सूची की समीक्षा कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
ग्राम सभा: लोकतंत्र की मजबूत नींव
रजौर रामभद्रपुर पंचायत के मुखिया रामचंद्र सिंह ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि ग्राम सभा ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

करियन, रानीपरती, घिवाही, दसौत एवं शंकरपुर पंचायतों में भी ग्राम सभाएं आयोजित की गईं, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं और समाधान के लिए सुझाव दिए।
बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण और जनप्रतिनिधि
इन ग्राम सभाओं में पंचायत सचिव महेंद्र पासवान, प्रमोद राय, उमेश प्रसाद सहित कई कर्मी उपस्थित रहे। इसके अलावा:
- वार्ड सदस्य
- स्थानीय जनप्रतिनिधि
- बड़ी संख्या में ग्रामीण
भी शामिल हुए।
ग्राम सभा से मिलेगा विकास को नया आयाम
वक्ताओं ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था गांवों के समग्र विकास की आधारशिला है। ग्राम सभा के माध्यम से:
- योजनाओं का सही चयन
- प्रभावी क्रियान्वयन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
सुनिश्चित की जा सकती है।