शिवाजीनगर: टाट-फूस के नीचे भविष्य गढ़ रहे बच्चे, विधायक ने प्राथमिक विद्यालय पुरन्दाही की बदहाली देख जताई चिंता
शिवाजीनगर (समस्तीपुर): विकास के दावों के बीच शिक्षा व्यवस्था की एक दर्दनाक तस्वीर शिवाजीनगर प्रखंड की भटौरा पंचायत से सामने आई है। यहाँ के प्राथमिक विद्यालय पुरन्दाही में बच्चे आज भी कंक्रीट की छत के बजाय टाट-फूस और अस्थायी व्यवस्था के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। गुरुवार को वारिसनगर विधायक मांजरिक मृणाल और पूर्व विधायक अशोक कुमार मुन्ना ने संयुक्त रूप से विद्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहाँ स्कूल की जर्जर जमीनी हकीकत उजागर हुई।
2012 में CM नीतीश ने रखी थी नींव, 13 साल बाद भी भवन नदारद
निरीक्षण के दौरान प्रधान शिक्षिका नीलू कुमारी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस विद्यालय की नींव रखी थी, लेकिन विडंबना देखिए कि आज तक यहाँ ईंट की एक दीवार तक खड़ी नहीं हो सकी।

वर्तमान में विद्यालय का अस्तित्व केवल ग्रामीणों और जनसहयोग पर टिका है:
- अस्थायी ढांचा: मुखिया सरिता कुमारी और समाजसेवी नीतीश कुमार उर्फ युवराज के सहयोग से टाट-फूस का अस्थायी शेड बनाया गया है।
- मौसम की मार: बरसात में जलजमाव, गर्मियों में झुलसाती धूप और सर्दियों में जानलेवा शीतलहर के बीच बच्चे यहाँ शिक्षा ग्रहण करते हैं।
- अभिभावकों में डर: सुरक्षित भवन न होने के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में कतराते हैं, जिससे उपस्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
विधायक ने दिया आश्वासन: “जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य”
विद्यालय की दुर्दशा देख विधायक मांजरिक मृणाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है। विधायक ने आश्वासन दिया कि:
“शिक्षा के बुनियादी ढांचे से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मैं स्वयं संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर भवन निर्माण की बाधाओं को दूर करूँगा और जल्द ही यहाँ पक्का भवन बनेगा।”
वहीं, पूर्व विधायक अशोक कुमार मुन्ना ने भी देरी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अपने स्तर से हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
शिक्षकों और ग्रामीणों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के समय सहायक शिक्षक विवेकानंद चौधरी, आकांक्षा तिवारी, प्रीति गौतम, गोपाल कुमार चौधरी और पारस महाराज उपस्थित थे। साथ ही ग्रामीण माया शंकर सिंह, नंदकिशोर सिंह, बृजेश कुमार, रंजीत कुमार, राम भजन मंडल, मुकेश कुमार, रामवृक्ष सिंह और कन्हैया कुमार (डाक बाबू) ने जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से रूबरू कराया।
