प्रखंड क्षेत्र में शिक्षा के साथ-साथ ज्ञानवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के अंतर्गत बुधवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय कलवारा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बांदा कॉलोनी तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय घिवाही के कुल 100 छात्र-छात्राओं को शैक्षिक परिभ्रमण के लिए दरभंगा रवाना किया गया।
विद्यालय परिसर से बीडीओ आलोक कुमार सिंह एवं पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह ने संयुक्त रूप से तीन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
प्रमुख शैक्षणिक स्थलों का करेंगे भ्रमण
छात्र-छात्राएं दरभंगा के प्रमुख ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। इनमें
तारामंडल दरभंगा,
काली मंदिर दरभंगा,
श्यामा माई मंदिर,
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का परिसर
एवं स्थानीय संग्रहालय शामिल हैं।
इन स्थलों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विज्ञान, इतिहास, संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त होगी।
छात्र-छात्राओं में दिखा उत्साह
विद्यालय परिसर में विदाई के समय उत्साह का माहौल बना रहा। अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने बच्चों को शुभकामनाओं के साथ रवाना किया। कई विद्यार्थियों ने पहली बार दरभंगा जाने का अवसर मिलने पर खुशी जाहिर की।
शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा कक्षा में पढ़ाई गई विषयवस्तु को व्यवहारिक रूप से समझने में सहायता मिलती है।
शिक्षकों एवं प्रशासन की सक्रिय भूमिका
उत्क्रमित मध्य विद्यालय कलवारा से नवजोत कौर, रोशन कुमार, पंकज राम एवं मंजू कुमारी,
उत्क्रमित मध्य विद्यालय घिवाही से प्रधानाध्यापक अरुण पासवान, रंजू कुमारी, रीना कुमारी, अभिनव मिश्रा एवं कुंवर कन्हैया,
तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय बांदा कॉलोनी से प्रधानाध्यापक रामनाथ पंडित, पुष्पा कुमारी, ललिता कुमारी एवं नीतीश कुमार छात्र-छात्राओं के साथ रवाना हुए।
मौके पर पूर्व समन्वयक पारस नाथ महाराज, सुरेंद्र माझी, श्याम सुंदर महतो सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रशासन एवं विद्यालय परिवार की भूमिका सराहनीय रही।
मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना से ग्रामीण छात्रों को लाभ
मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को राज्य के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक स्थलों से परिचित कराने की पहल को अभिभावकों ने सराहा है। उनका मानना है कि इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास एवं शैक्षणिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आएगा।
