गांव में शराबबंदी को लेकर ग्रामीणों की बैठक, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
डुमरा मोहन (बिहार): प्रखंड के डुमरा मोहन पंचायत भवन में रविवार को ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें गांव में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई गई।
युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता
बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा शराबबंदी लागू होने के बावजूद गांव में चोरी-छिपे शराब बनाई और बेची जा रही है। इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, जिसके कारण समाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा है। कई युवक नशे की हालत में हिंसक हो रहे हैं, जिससे घरेलू झगड़े और महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ रही हैं।
महिलाओं ने उठाई आवाज

बैठक में शामिल महिलाओं ने बताया कि शराब के कारण घरेलू हिंसा बढ़ गई है और परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि नशेड़ी पुरुषों के कारण बच्चों की परवरिश पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
बैठक के अंत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। साथ ही, गांव में निगरानी टीम बनाकर अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
इस मौके पर ग्रामीणों ने एक रैली निकालकर “नशा मुक्त गांव” का संदेश दिया और अवैध शराब कारोबारियों को चेतावनी दी कि वे इस गतिविधि को तुरंत बंद कर दें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी ग्रामीणों के इस अभियान को सराहा और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।