S News85

खबरें जो रखे आपको सबसे आगे।

S News85

खबरें जो रखे आपको सबसे आगे।

Samastipur

शिवाजीनगर: रमौल में सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों की पूजा, 5000 श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंजा क्षेत्र

Share

शिवाजीनगर (समस्तीपुर): आस्था, परंपरा और भक्ति का अनूठा संगम मंगलवार को शिवाजीनगर प्रखंड के रजौर रामभद्रपुर पंचायत के रमौल गांव में देखने को मिला। यहाँ के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर परिसर में ‘सार्वजनिक बम समिति’ के तत्वावधान में भव्य सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजा का आयोजन किया गया। भक्ति के इस महाकुंभ में करीब 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने शिरकत की।

वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य कलश यात्रा

कार्यक्रम की शुरुआत पांच पवित्र कलशों की भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। विधि-विधान से जल भरकर कलशों को पूजा मंडप में स्थापित किया गया। इसके बाद विद्वान पंडित गजेंद्र झा, लोटन झा, आनंद झा और दीपक झा के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सवा लाख मिट्टी के शिवलिंगों का पूजन शुरू हुआ।

50 वर्षों से अटूट है यह परंपरा

रमौल गांव के ग्रामीणों ने बताया कि सार्वजनिक बोल बम पूजा की यह गौरवशाली परंपरा पिछले 50 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। इस वर्ष पूजा के मुख्य जजमान सुधीर कुमार सिंह अपनी धर्मपत्नी के साथ रहे। पूरे दिन “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय बना रहा।

श्रद्धालुओं की मुख्य भागीदारी और आस्था

  • जलाभिषेक: श्रद्धालुओं ने शिवलिंगों पर दूध, जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
  • सजावट: पूजा मंडप को फूलों और लाइटों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
  • सहयोग: आयोजन को सफल बनाने में रोहित मंडल, विनोद कुमार सिंह, रामाश्रय मंडल, डीलर प्रदीप सिंह और सुभाष मंडल सहित समस्त ग्रामवासियों की सक्रिय भूमिका रही।

15 जनवरी को बैजनाथ धाम के लिए रवाना होंगे कांवड़िए

बैठक और पूजा के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई कि आगामी 15 जनवरी को रमौल गांव से कांवड़ियों का जत्था बाबा बैजनाथ धाम (देवघर) के लिए प्रस्थान करेगा। परंपरा के अनुसार, ये श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल उठाकर पैदल यात्रा करेंगे। मिथिलांचल की यह विशेष यात्रा बसंत पंचमी तक चलती है, जिसमें भारी संख्या में भक्त महादेव को जल अर्पित करने पहुंचते हैं।

Read more :- Bhagwat Katha Shivajinagar: “अन्नदान और वस्त्रदान से प्रसन्न होते हैं भगवान” – शहरू गांव में श्रीमद्भागवत कथा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *