शिवाजीनगर: प्रखंड अंतर्गत प्लस-टू उच्च विद्यालय, शिवाजीनगर के सभागार में शनिवार को बाल दिवस (Children’s Day) का आयोजन बड़े उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और प्रखंड के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर विद्यालय का पूरा परिसर दिनभर बच्चों की हंसी, तालियों की गूंज और उत्सव के रंगों से सराबोर रहा।
वीरता की कहानियों से मिली प्रेरणा
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिल्ली से पधारे बाल साहित्यकार रजनीकांत शुक्ला का प्रेरणादायी संबोधन रहा। उन्होंने छात्र-छात्राओं को देश के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्त बच्चों की संघर्षपूर्ण और अदम्य साहस से भरी जीवन-गाथाएँ सुनाईं। उनके जीवंत वर्णन ने बच्चों में देशभक्ति और आत्मविश्वास की एक नई ऊर्जा का संचार किया।

इस अवसर पर श्री शुक्ला ने वीरता पुरस्कार विजेता बच्चों पर आधारित अपनी लिखित पुस्तक भी विद्यालय को भेंट की, जिसे विद्यालय के प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार ने सहर्ष स्वीकार किया। प्रधानाध्यापक ने कहा कि यह पुस्तक बच्चों में साहस और सकारात्मकता को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।
दीप प्रज्वलन और केक कटिंग से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करने के साथ हुई। इसके बाद, अतिथि रजनीकांत शुक्ला को मिथिला की गौरवशाली परंपरा के अनुसार शाल, पाग, और मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही, उन्हें ललित कुमार सिंह द्वारा रचित पुस्तक “शिवाजीनगर के कर्म वीर” भी सप्रेम भेंट की गई। इसके उपरांत, भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के उपलक्ष्य में केक काटा गया।
‘बच्चे देश का भविष्य, उनका विकास प्राथमिकता’
कार्यक्रम का आयोजन ललित कुमार सिंह के सौजन्य से किया गया, जबकि अध्यक्षता बीईओ राम जन्म सिंह ने की। बीईओ श्री सिंह ने बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा, सुरक्षा तथा सर्वांगीण विकास हमारी प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए।”
उन्होंने विद्यार्थियों को कठिनाइयों से लड़ते हुए आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में मंच पर उपस्थित ललित कुमार सिंह, पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, राज नारायण सिंह, संजय साहनी, संतोष कुमार, बिगेश कुमार, प्रशांत कुमार, बृजमोहन साहनी, मुकेश कुमार, मोहम्मद नूर आलम, शिव शंकर शर्मा, और वृक्षयार सहनी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी बाल दिवस की सार्थकता पर अपने विचार रखे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, कविता पाठ, और वक्तृत्व कला सहित अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा का रंग बिखेरा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय की शिक्षिकाएँ कुमारी नेहा रानी, उषा कुमारी, पूजा भारती, रूबी कुमारी, मुकुंद कुमार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया और बच्चों के बीच मिठाइयाँ व उपहार वितरित किए गए। इस समारोह ने बच्चों के भीतर नए उत्साह और सपनों को पंख दिए।