शिवाजीनगर, समस्तीपुर। संत निरंकारी मिशन की ओर से रविवार, 13 सितंबर 2026 को शिवाजीनगर ब्रांच के पावर हाउस के समीप रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में निरंकारी संत-महात्माओं और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर रक्तदान किया। इस दौरान सत्संग का भी आयोजन किया गया, जिसमें मानवता की सेवा और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संत निरंकारी मिशन के जोनल इंचार्ज महात्मा जवाहर प्रसाद ने की। उन्होंने अपने संबोधन में निरंकार परमात्मा के प्रति जागरूकता फैलाने और मानव सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन आध्यात्मिक जागृति के साथ-साथ सेवा, सुमिरन और सत्संग के माध्यम से लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि निराकार परमात्मा को जानने के बाद मनुष्य के भीतर प्रेम, भाईचारा और परोपकार की भावना विकसित होती है। मिशन का संदेश है कि “मानव हो मानव का प्यारा, एक-दूसरे से बने सहारा।” इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए रक्तदान करना भी मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं।” स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए लोगों को समय-समय पर स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में समस्तीपुर के मुखी राजेश जी, संचालक रामप्रकाश जी, चंदेश्वर जी, विजय जी एवं मनजीत जी सहित अनेक संत-महात्मा मौजूद रहे। वहीं स्थानीय मुखी महात्मा हृदय नारायण सिंह, स्थानीय संचालक अखिलेश कुमार, शिक्षक कैलाश कुमार, संतोष कुमार, कमलेश मंडल, रामानंद मंडल एवं रामगुलाम सहित सैकड़ों महात्माओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
रक्तदान शिविर में सदर अस्पताल, समस्तीपुर की मेडिकल टीम ने अपनी सेवाएं दीं। टीम में डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. सौरभ कुमार, धीरज, दीपक कुमार एवं वंदन कुमार शामिल रहे।
शिविर के दौरान चंद्ररेखा कुमारी, अनिल कुमार, मिथिलेश कुमार, अनीता कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, रुपेश कुमार, दिलीप कुमार एवं दिनेश कुमार सहित कई संत-महात्माओं ने रक्तदान किया। इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी रक्तदान के लिए आगे आकर मानव सेवा की मिसाल पेश की।
आयोजकों ने बताया कि रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की मदद की जा सकती है। शिविर में शामिल लोगों ने सेवा और परोपकार की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।
