शिवाजीनगर के सहरू गांव में ऐतिहासिक सार्वजनिक बोल बम पूजा, तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पार्थिव शिवलिंग पर जलाभिषेक
शिवाजीनगर (समस्तीपुर/दरभंगा): मिथिलांचल की धरती एक बार फिर शिवमय हो उठी। शिवाजीनगर प्रखंड की दहियार रन्ना पंचायत स्थित सहरू गांव में आयोजित ‘सार्वजनिक बोल बम पूजा’ ने आस्था, भक्ति और भव्यता का एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसकी चर्चा पूरे बिहार में हो रही है। 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस महाकुंभ में समस्तीपुर और दरभंगा जिले के कुल 56 गांवों से आए 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
1600 कन्याओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा

उत्सव की शुरुआत 1600 कुमारी कन्याओं और महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य शोभा कलश यात्रा से हुई। गेरुआ वस्त्र धारण किए शिव भक्तों के जयघोष ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ से पूरा इलाका गुंजायमान रहा। कलश स्थापना के साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा का शुभारंभ हुआ।
सवा लाख पार्थिव शिवलिंग और 12 ज्योतिर्लिंग का निर्माण
इस पूजा की सबसे बड़ी विशेषता सवा लाख पार्थिव शिवलिंग और 12 ज्योतिर्लिंगों का निर्माण रहा। 11 विद्वान पंडितों (गजेंद्र झा, सुबोध झा, संतोष चौधरी आदि) की देखरेख में मुख्य यजमान विष्णु कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह और ललित कुमार सिंह ने सपत्नीक हवन और पूजन संपन्न किया। पूजा मंडप में भगवान शिव, माता पार्वती और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र रहीं।
महाप्रसाद का विशाल आयोजन (आंकड़ों में भव्यता)

श्रद्धालुओं के लिए समिति द्वारा विशाल भंडारे और महाप्रसाद की व्यवस्था की गई थी, जिसके आंकड़े चकित करने वाले हैं:
- खीर का महाप्रसाद: 20,000 लीटर दूध और 150 क्विंटल चावल।
- मेवे: 2.5 क्विंटल किशमिश, 2 क्विंटल बादाम और 1.5 क्विंटल नारियल।
- मिठाई: 70,000 लड्डू।
- पत्तल व्यवस्था: 3.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था।
मनोरंजन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मेला स्थल पर बच्चों और युवाओं के लिए टावर झूला, ड्रैगन ट्रेन, ब्रेक डांस और मीणा बाजार लगाया गया था। बम पूजा समिति के अध्यक्ष मदन प्रसाद सिंह और सचिव पलटू मंडल सहित पूरी टीम ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सराहनीय भूमिका निभाई। प्रखंड प्रमुख डॉ. गोविंद कुमार और मुखिया रिंकू देवी ने भी आयोजन में अपना पूर्ण सहयोग दिया।
बिहार की इकलौती ऐसी ‘सार्वजनिक बम पूजा’

समिति ने बताया कि यह बिहार की इकलौती ऐसी पूजा है जहाँ इतनी बड़ी संख्या में लोग सामूहिक जलाभिषेक करते हैं। विशेष बात यह है कि यह आयोजन बारी-बारी से होता है; इस वर्ष शिवाजीनगर में हुआ, तो अगले वर्ष दरभंगा के बहेरी प्रखंड में आयोजित किया जाएगा।
कांवर यात्रा और अटूट विश्वास
मान्यता है कि सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर पैदल आने वाले शिव भक्तों की हर मनोकामना यहाँ बाबा भोलेनाथ पूर्ण करते हैं। भक्तों का अटूट विश्वास ही है कि 17 साल बाद भी जनसैलाब ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
