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मानवता ही सच्चा धर्म: गोसाईं पोखर में निरंकारी संत समागम

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शिवाजीनगर/समस्तीपुर। प्रखंड अंतर्गत गोसाईं पोखर में शनिवार को संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में भव्य निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तरप्रदेश के बरेली से पधारे मिशन के केंद्रीय प्रचारक तोता राम जी ने मानवता, प्रेम और भाईचारे का प्रेरणादायक संदेश दिया।

अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा, “मानव हो मानव का प्यारा, एक दूजे का बने सहारा” — यही सच्चा धर्म है। उन्होंने बताया कि जब तक मनुष्य सद्गुरु की शरण में आकर निराकार परमब्रह्म परमात्मा का बोध प्राप्त नहीं करता, तब तक उसके जीवन में वास्तविक मानवता का समावेश संभव नहीं है। निरंकारी संत समागम


सद्गुरु की शरण से मिलता है ब्रह्मज्ञान

केंद्रीय प्रचारक ने माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन संदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मानव मन में व्याप्त ईर्ष्या, द्वेष, नफरत, जाति, वर्ण, धर्म और मजहब की दीवारें इंसान को इंसान से दूर करती हैं।

उन्होंने कहा कि सद्गुरु के ब्रह्मज्ञान के पश्चात व्यक्ति यह समझ पाता है कि परमात्मा सबमें समान रूप से विद्यमान है। जब यह अनुभूति हो जाती है कि “सब मेरा ही रूप है”, तब समाज में खड़ी विभाजन की दीवारें स्वतः समाप्त हो जाती हैं और प्रेम, समरसता व सद्भाव का वातावरण स्थापित होता है।

मानवता ही सच्चा धर्म: गोसाईं पोखर में निरंकारी संत समागम

भजनों और विचारों से भाव-विभोर हुई संगत

समारोह में समस्तीपुर से पधारे भाई साहब यमुना प्रसाद जी सहित स्थानीय मुखी महात्मा हृदय नारायण सिंह, सेवादल संचालक अखिलेश जी, कमलेश जी, संतोष जी, विनोद जी, रामचंद्र जी, मीणा जी, अनीता जी, रामगुलाम जी, चंदू जी एवं जगदीश जी सहित अनेक महात्माओं ने अपने विचार रखे।

भजनों की मधुर प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उत्तरप्रदेश से आए भाई साहब जितेंद्र जी ने भी भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ प्रदान किया।


बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं सेवादल सदस्यों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। आयोजन समिति ने बताया कि ऐसे समागम समाज में प्रेम, एकता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मानवता ही सच्चा धर्म: गोसाईं पोखर में निरंकारी संत समागम

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