धार्मिक उत्साह: शहरु ग्राम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 7 जनवरी को होगा भव्य ‘सार्वजनिक बम पूजा’ का आयोजन
समस्तीपुर/शिवाजीनगर: समस्तीपुर और दरभंगा जिले की सीमा पर स्थित शिवाजीनगर प्रखंड के ग्राम पंचायत राज दहियार रन्ना के शहरु ग्राम में इन दिनों भक्ति की बयार बह रही है। अवसर है श्री श्री 1008 समस्तीपुर दरभंगा सार्वजनिक बम पूजा का, जिसकी तैयारियाँ अब अपने चरम पर हैं। आगामी 7 जनवरी को होने वाले मुख्य आयोजन से पूर्व, 1 जनवरी 2026 को पूरे विधि-विधान के साथ भव्य ‘मारवा’ का निर्माण किया गया।
हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
नव वर्ष के प्रथम दिन आयोजित इस ‘मारवा’ निर्माण कार्यक्रम में श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने सबसे पहले बाबा का जलाभिषेक किया और उसके बाद सामूहिक रूप से मारवा बनाने में अपना योगदान दिया। आयोजन समिति ने सेवा भाव का परिचय देते हुए सभी आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे (भोजन) की व्यवस्था की थी, जहाँ प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही लोग अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर रहे थे।
आकर्षण का केंद्र: विद्वानों का प्रवचन और भव्य मेला
शहरु ग्राम वासियों ने इस बार पूजा को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं:
- प्रवचन पंडाल: एक विशाल और आकर्षक पंडाल का निर्माण किया गया है, जहाँ प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक प्रकांड विद्वानों द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन दिया जा रहा है।
- मनोरंजन के साधन: बच्चों और युवाओं के लिए ब्रेक डांस, टावर झूला और विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। मेला क्षेत्र दुकानों से सजकर तैयार है।
- सुरक्षा व्यवस्था: भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। साथ ही स्थानीय ग्रामीण कार्यकर्ता चौबीसों घंटे सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में जुटे हैं।
इनकी रही मुख्य उपस्थिति
इस पुनीत कार्य में खजांची बम, महेंद्र बम, राजेश्वर प्रसाद बम, मदन प्रसाद बम, कपे बम, पलतू बम, संजय बम, अरविंद बम, फूलों बम, अनिल बम, जोगी बम, मनोज बम, रामबालक बम, राम नारायण बम, दामोदर बम, जगदीश बम, गणेश बम, रवि बम, बच्चे बम, बिहारी बम, पवन बम, रामनाथ बम, अशोक बम, राजेश बम, विनोद बम, गोविंद बम और फूल बाबू बम सहित विभिन्न गांवों से आए हजारों सहयोगी ‘बम’ सक्रिय रूप से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
ग्रामवासियों के अनुसार, यह पूजा न केवल धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि यह समस्तीपुर और दरभंगा के बीच आपसी सद्भाव और एकता का प्रतीक भी है।



