शहरू गांव में उमड़ा भक्ति का सैलाब: नंद महोत्सव और गोवर्धन लीला देख भावविभोर हुए श्रद्धालु, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
शिवाजीनगर (समस्तीपुर): प्रखंड के दहियार रन्ना पंचायत स्थित शहरू गांव में इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। सार्वजनिक बम पूजा के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सजीव चित्रण किया गया। कथावाचक प्रो. जयशंकर झा के मुखारविंद से निकली अमृतवाणी ने श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया।
नंद महोत्सव और बाल लीलाओं का भव्य मंचन
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी नंद महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान बालकृष्ण के दर्शन के लिए भगवान शिव के आगमन, पूतना वध, शकटासुर और तृणावर्त उद्धार जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। प्रो. झा ने कहा कि श्रीकृष्ण के अवतार का मुख्य उद्देश्य करुणा का विस्तार और अधर्म का नाश करना था।

“श्रीकृष्ण थे सर्वश्रेष्ठ पर्यावरणविद”: गोवर्धन लीला की सीख
कथावाचक ने गोवर्धन लीला के प्रसंग को आधुनिक युग से जोड़ते हुए भगवान श्रीकृष्ण को विश्व का सर्वश्रेष्ठ पर्यावरणविद बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं को सीख दी कि विकास के नाम पर हमें अपनी नदियों, पर्वतों और प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। प्रकृति की रक्षा करना ही वास्तव में ईश्वर की सच्ची सेवा है।
भजनों की अमृत वर्षा और मनमोहक झांकियां
वृंदावन से आए कलाकारों ने गोवर्धन पूजन की भव्य झांकी प्रस्तुत की, जिसे देख श्रद्धालु ब्रजभूमि की साक्षात अनुभूति करने लगे। सुप्रसिद्ध भजन गायक पारस पंकज और उनकी टीम ने सुमधुर भजनों से पूरे पंडाल को शिव-कृष्ण मय बना दिया। मंच का कुशल संचालन डॉ. बचनेश्वर झा द्वारा किया गया।
समिति और श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में बम पूजा समिति के अध्यक्ष मदन प्रसाद सिंह, सचिव पलटू सिंह, संजय कुमार सिंह और मुख्य कलशी यजमान विष्णु कुमार सिंह ‘बम’ सहित पूरी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में रामगुलाम सिंह, ललित मंडल, मनोज बम, अरविंद बम, दामोदर बम सहित हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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