शिवाजीनगर में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम: आगलगी और बिजली के खतरे से बचाव को लेकर बच्चों को किया गया जागरूक
शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मार्च माह के प्रथम शनिवार को सभी सरकारी विद्यालयों में “सुरक्षित शनिवार” का आयोजन उत्साह, अनुशासन और जागरूकता के साथ किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को आगलगी के खतरे और बिजली के घात से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
आगलगी और बिजली से बचाव के बारे में दी गई जानकारी
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आग लगने और बिजली के झटके जैसी आपदाओं से बचाव के प्रति जागरूक करना था। प्रखंड के प्राथमिक, मध्य और उत्क्रमित विद्यालयों में छात्रों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि किसी आपदा की स्थिति में वे घबराने के बजाय सही और सुरक्षित निर्णय ले सकें।
“क्या करें और क्या न करें” पर विशेष सत्र
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को आगलगी और बिजली के खतरे से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। साथ ही क्या करें और क्या न करें विषय पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि आपदा की स्थिति में संयम और सावधानी बेहद जरूरी है।
सभी विद्यालयों में चला जागरूकता अभियान
यह जागरूकता कार्यक्रम प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक और अन्य शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही। छात्र-छात्राओं ने पूरे अनुशासन के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण गुर सीखे।
कई शिक्षक और शिक्षाकर्मी रहे मौजूद
इस अवसर पर पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, मो. अब्दुल्लाह, सत्यनारायण आर्य, अरुण पासवान, संतोष कुमार, नीलू कुमारी, रामनाथ पंडित, हीरानंद झा, अवधेश चौधरी, मदन कुमार, अजय कुमार राय, संजीव कुमार, उमेश प्रसाद राय, शांति भूषण, अरुण कुमार, प्रकाश कुमार, सुशील कुमार और रामबाबू सिंह समेत सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण बच्चों के लिए जरूरी
शिक्षकों ने कहा कि सुरक्षित शनिवार के तहत इस तरह के प्रशिक्षण बच्चों के जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि विद्यालयों में समय-समय पर आपदा प्रबंधन से जुड़े अभ्यास और मॉक ड्रिल कराए जाएं, तो बच्चे किसी भी आपात स्थिति में खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने में सक्षम हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, शिवाजीनगर प्रखंड में आयोजित सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम जागरूकता, अनुशासन और व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
