शिवरमा गांव में जय बजरंगवली जी की मूर्ति स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा, 201 कलश यात्रा से गूंजा भक्ति का माहौल
शिवाजीनगर, समस्तीपुर | संवाददाता
प्रखंड अंतर्गत डुमरा मोहन पंचायत के शिवरमा गांव स्थित भगवती स्थान परिसर में शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां श्री श्री 108 जय बजरंगवली जी की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
पूरे क्षेत्र में “जय श्री राम” और “बजरंगबली की जय” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस धार्मिक आयोजन ने गांव को पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग दिया।
201 कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार सुबह भव्य 201 कलश यात्रा के साथ हुई। इस यात्रा में कुमारी कन्याओं, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
- श्रद्धालु लाल और पीले पारंपरिक वस्त्रों में सजे हुए थे
- सिर पर कलश लेकर गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई
- 13 गांवों का भ्रमण कर मंदिर परिसर में समापन हुआ
यह यात्रा शिवरमा गांव से निकलकर डुमरा मोहन, नरसिंहा, गनोली, दुबेपुर, गौरा, शिवाजीनगर, सिसई, बहादुरपुर, हबका, शाहपुर, कटघारा, छपकी, ठिकारी और डुमरा चौक होते हुए गुजरी।
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुआ अनुष्ठान
वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पंडित संतोष झा एवं गजेंद्र झा सहित अन्य विद्वान पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ कलश में जल भरवाया गया।
- यज्ञ मंडप में विधिवत कलश स्थापना
- पूजा-अर्चना और हवन संपन्न
- शंखध्वनि और वेद मंत्रों से गूंजा वातावरण
इस दौरान श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था के साथ पूजा में भाग लिया।
भव्य झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
मंदिर परिसर से निकाली गई भव्य झांकी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।

झांकी में दर्शाए गए प्रमुख दृश्य:
- भगवान राम
- माता सीता
- भगवान हनुमान
- लक्ष्मण
- विश्वामित्र
इन झांकियों को सजे-धजे चार रथों पर विराजमान कर कई गांवों में भ्रमण कराया गया।
जहां-जहां झांकी पहुंची, वहां श्रद्धालुओं ने:
- फूल वर्षा कर स्वागत किया
- जयकारों से माहौल गूंजाया
श्रद्धालुओं के लिए सेवा व्यवस्था
दुबेपुर गांव के ग्रामीणों द्वारा गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए शरबत की विशेष व्यवस्था की गई, जो सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
मुख्य यजमान और ग्रामीणों का योगदान
इस आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में कमलेश मंडल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी और परिवार के सदस्य भी पूरे अनुष्ठान में उपस्थित रहे।
इसके अलावा कई ग्रामीणों ने सक्रिय योगदान दिया, जिनमें शामिल हैं:
रामकरण साहू, रामनारायण मुंशी, ताराकांत शर्मा, संजीत कुमार, श्याम बालक सिंह, त्रिवेणी शर्मा, दिलीप कुमार, किशोरी प्रसाद सिंह, संजय कुमार, सुभाष कुमार, अमर कुमार सहित अनेक ग्रामीण।
आयोजन को सफल बनाने में ग्रामीणों की भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के कई प्रमुख लोगों का अहम योगदान रहा:
रामावतार मुखिया, अरुण मुखिया, वीरेंद्र मंडल, मुन्नालाल, राजेंद्र प्रसाद निराला, बहादुर मंडल, विनोद मंडल, रंजीत मंडल, बैजनाथ मंडल, पंचेश्वर मंडल, भंडारी दास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
हवन और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार

प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत विधिवत हवन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर:
- सुख
- शांति
- समृद्धि
की कामना की। हवन के दौरान पूरे वातावरण में सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार महसूस किया गया।
सामाजिक एकता का संदेश
ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन:
- समाज में भाईचारा बढ़ाते हैं
- एकता को मजबूत करते हैं
- नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ते हैं
