स्वतंत्रता सेनानी महावीर मंडल की याद में गूंजा ‘भारत माता की जय’, रमोल गांव में प्रतिमा पर माल्यार्पण और भव्य ध्वजारोहण
समस्तीपुर/रजौर: प्रखंड अंतर्गत रजौर रामभद्रपुर पंचायत के रमोल गांव की धरती रविवार को देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। मौका था महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय महावीर मंडल जी की याद में आयोजित विशेष श्रद्धांजलि समारोह का। इस दौरान उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और शान से तिरंगा फहराया गया।
इस आयोजन ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के बलिदान को याद किया, बल्कि नई पीढ़ी को देश सेवा के लिए प्रेरित करने का भी कार्य किया।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अजय कुमार सिंह ने शिरकत की।
विशिष्ट अतिथियों में निम्नलिखित महानुभाव शामिल थे:
- पुरुषोत्तम कुमार (बिहार प्रदेश महासचिव एवं समस्तीपुर जिला अध्यक्ष)
- गीत गोविंद मंडल और टिकेश्वर मंडल (सदस्य, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति, समस्तीपुर)
- किशोरी प्रसाद सिंह (जदयू प्रखंड अध्यक्ष)
माल्यार्पण और गूंजे जयकारे
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय महावीर मंडल की आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धासुमन और माल्यार्पण के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय ध्वजारोहण (झंडोत्तोलन) का कार्यक्रम हुआ। जैसे ही तिरंगा लहराया, पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
इस अवसर पर स्थानीय नेतृत्व ने समाज को एकजुट करने वाला संदेश दिया। मुखिया रामचंद्र सिंह और प्रधान सुखदेव सिंह ने संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक करार दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा:
“स्वर्गीय महावीर मंडल जी का जीवन त्याग और संघर्ष की मिसाल है। आज का यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि उनके योगदान को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। हम गांव के युवाओं से अपील करते हैं कि वे स्वतंत्रता संग्राम के इन संघर्षों से प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।”
भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण
स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान में आयोजित इस समारोह में मुरारी कुमार सिंह सहित गांव के सैकड़ों लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि महावीर मंडल के संघर्षों की गाथा को जन-जन तक पहुँचाना आवश्यक है।
यह समारोह समाज में राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने और आजादी के महानायकों की स्मृतियों को जीवित रखने की दिशा में एक सफल और सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ।

